“कृण्वन्तो विश्वम् आर्यम् :-संपूर्ण विश्व को आर्य (श्रेष्ठ) बनाएं”
– महर्षि दयानंद सरस्वती
गुरु विरजानंद सरस्वती
स्वामी दयानंद सरस्वती
स्वामी श्रद्धानंद
आर्य वीर दल
आर्य वीर दल के मुख्य तीन उद्देश्य है
संस्कृति रक्षा शक्ति संचय सेवा कार्य
1- संस्कृति रक्षाः- वेद का ज्ञान सृष्टि के आरम्भ में समस्त प्राणियों के कल्याण हेतु ईश्वर ने मनुष्यों को दिया। इसीलिये हमारी संस्कृति वेदों पर आधारित है। यह वैदिक संस्कृति विश्व में सबसे प्राचीन है। इसी संस्कृति का अनुसरण करते हुये विभिन्न ट्टषि-मुनियों, मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम, योगीराज श्रीकृष्ण, ब्रह्मचारी हनुमान, नीतिज्ञ चाणक्य, गुरु गोविन्द सिंह, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, महर्षि दयानन्द सरस्वती आदि अनेक महापुरुषों ने जीवन की उत्कृष्टता को प्राप्त……